Moral Stories in Hindi | क्या आप ऐसे सोच सकते हैं?

ByKulVikas

Feb 21, 2020
Moral story in hindi
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Moral Stories in Hindi | क्या आप ऐसे सोच सकते हैं?

short stories with moral

Moral Story in Hindi – 1 दिमाग का धक्कन हटाकर सोचो, कुछ भी सम्भव है

Moral storie in Hindi: कुछ समय पहले की बात है, इटली के एक छोटे से शहर मे शहर मे एक व्यापरी रहता था। वह व्यापारी ने एक लोनशार्क (पैसे उधार देने वाला) से कुछ पैसे उधार लिए थे। लेकिन कुछ करणों की वजह से व्यापारी उधार लिए पैसे वापस लौटा नहीं पाया।

लोनशार्क बहुद बद्शूरत और लालची किस्म का इंसान था। जैसे ही लोंनशार्क को पता चला की व्यापारी के पास उधार चुकाने के लिए पैसे नहीं हैं, लोनशार्क तुरंत व्यापारी के घर गया। जब लोनशार्क व्यापरी के घर पैसे लेने के लिए पहुंचा, उसकी नजर व्यापारी की बेटी के ऊपर पड़ी जो बहुत खूबसूरत और बुद्धिमान थी।

व्यापरी की सुंदर बेटी को देखकर लोनशार्क का मन बिगड़ गया, और वह उस पर मोहित हो गया। और लालची लोनशार्क ने व्यापारी के सामने एक प्रस्ताव रखने की सोची, कि अगर वो अपनी बेटी की शादी मुझसे (लोंनशार्क) से करवा दे तो मैँ उसके सारे कर्जे माफ कर दूँगा और उसे एक भी पैसे लौटाना नहीं पड़ेगा।

यह सुनने के बाद व्यापारी को बहुत बुरा लगा और उसने ये स्वीकारने से तुरंत इंकार कर दिया। परंतु लोनशार्क बहुत चतुर था, उसने व्यपारी के सामने दूसरा प्रस्ताव रखा, और यह प्रस्ताव कुछ ऐसा था कि “मैँ (लोंनशार्क) 2 पत्थर एक काला और एक सफेद 2 अलग अलग थैले में रखूँगा और व्यापारी की बेटी को उस किसी एक थैले में से उस पत्थर को निकालना होगा, अगर वो पत्थर काला हुआ तो मैं तुम्हरे सारे कर्ज माफ कर दूँगा और तुम्हे अपनी बेटी से मेरी शादी करवानी होगी, और अगर पत्थर सफेद हुआ तो मैं तुम्हारे सारे कर्जे भी माफ कर दूँगा और तुम्हारी बेटी से शादी भी नहीं करूँगा ”।

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बेटी ने अपने लाचार पिता के हालात को देखते हुए लोनशार्क के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।

इसी के साथ अगले दिन व्यापारी के एक बगीचे में सब इकठा हुए, लोंनशार्क थोड़ी दूर जाकर जब दोनों थैलो में पत्थर डाल रहा था तभी व्यापारी की बेटी ने देखा कि लोंनशार्क दोनों थैलों में केवल काला हि पत्थर डाल रहा था (धोखा दे रहा था)।

अब व्यापारी की बेटी को पता है की दोनो बेग में केवल काले पथ्थर है। और उसके पास इस समय स्वभाविक रूप से इस समस्या से बाहर निकलने के लिये केवल ये 3 रास्ते हैं –

  1. वो बैग से पथ्थर निकालने से इन्कार कर दे।
  2. दोनों बेग से पथ्थर निकल कर लोनशार्क को बेनकाब कर दे।
  3. या फिर सच को जानते हुए थैले मे से काले पथ्थर को निकालकर अपने पिता के कर्ज को माफ़ करने के लिए खुद की जिंदगी बर्बाद कर दे।

परंतु उसने यह तीनो रास्तो में से एक भी नहीं चुना और यह रहा उस लड़की का चोथा रास्ता,

वो बेग के पास गयी और उसने एक थैले से पत्थर निकालकर अकस्मात, अंजान बनकर बिना पत्थर को देखे हुए दूसरे थैले में गिरा दिया।

और लोंनशार्क से बोली “मैं भी कितनी बेवकूफ हूँ, पर कोई बात नहीं, आपको तो पता ही होगा कि कौन से थैले में कौन सा पत्थर रखा था, आप ही बता दो कि इस थैले में से मैंने किस रंग का पत्थर उठाया है, और हम स्वीकार कर लेंगे।

फिर लोनशार्क बेनकाब होने से बचने के लिए थैले में सफ़ेद रंग का पथ्थर बताकर उस व्यापारी के सारे कर्जे माफ़ कर दिए और व्यापारी की बेटी को शादी भी नहीं करनी पड़ी।

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बेटी ख़ुश, बाप खुश और लोनशार्क गया तेल लेने।

Finally, किस्सा ख़तम, पैसा हजम।

सीख: 

Moral storie in Hindi: हम सभी के पास वह चोथा रास्ता हें जिसकी मदद से हम किसी भी तरह की कठिन से कठिन परिश्थिति से बाहर निकल सकते है, बस जरूरत है तो थोडा दिमाग को खोलकर के सोचने की।

एसी के साथ यह कहानी का अंत होता है। में आशा करता हूं आपको यह कहानी अछी लगी होगी। कृपिया एस कहानी को ज्यादा से ज्यादा शेर करे और आपके विचार कमेन्ट सेक्शन मै लिख दे ताकि हम ऐसी ही रोचक कहानिया आपके लिए ला सके | तो इसीके साथ मै आपसे विदा लेता हूं, पढ़ते रहो बढ़ते रहो।

Moral Storie in Hindi – 2 किसान और साधू महात्मा

Moral storie in Hindi

 एक दिन एक बहुत विद्वान साधू महात्मा कहीं कथा कहने के लिये जा रहे थे, रास्ते में उन्होंने एक बहुत खूबसूरत खेत देखा जिसमें बहुत अच्छी और मनमोहक फसल लगी हुई थी।

साधू महात्मा इस सुन्दरता का आनन्द उठाने के लिये थोड़ी देर के लिये उस खेत के पास खड़े हो गये और उसकी सुन्दरता को निहारने लगे।

उस खेत का किसान वही ट्रैक्टर चला रहा था और जब उसने साधू महात्मा को देखा तो ट्रैक्टर लेकर वो महात्मा के पास आया और पैर छूकर उनको प्रणाम किया।

साधू महात्मा ने उसे आशिर्वाद देकर कहा कि भगवान ने तुम्हें बहुत अच्छी फसल दी है तुम्हें उनका शुक्रगुजार (thank full) होना चाहिये।

किसान बोला – हाँ, भगवान ने मुझे बहुत अच्छी फसल दी है और मैं इसके लिये भगवान का तहे दिल से शुक्रगुजार (thank full) भी हूँ लेकिन आपको ये खेत तब देखना चाहिये था जब ये एक बंजर जमीन था और यहां कोई पशु भी आना पसंद नहीं करता था।

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सीख:

Moral storie in Hindi: भगवान भी केवल उन्हीं पर विश्वास और मदद करता है जिनको खुद पर और खुद्के हौसलों पर विश्वास होता है।

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